Saturday, December 25, 2021

Thank you Hubble, Welcome James Webb Telescope

Thank you Hubble, Welcome James Webb Telescope

ज्ञान और विज्ञान का संगम और ब्रह्मांड में छुपी हुई जानकारी जो सनातन वैदिक भारत  ने  पहले ही प्रदान किया हुआ है, उस पर मुहर ही लगने जा रही है और यह एक महत्वपूर्ण दिन बन गया है । 

It is just a beginning and milestone to a unending journey to understand our creation. 

Thank you #James_Web for #Hubble and Thank you To all those who are part of this credible operation. 


Thank you  #Nasa and All other Partners to project. It is remarkable achievement and future generations would be thankful for this project. It would help us to understand self and our surroundings. High appluad to all those who have contributed to this and made it possible. The day would not be forgettable by all of us.. 


Paragraph is added on 16/07/22
Now the results have com too so watch them and enjoy.. 

Thanks you once again..

n Last but not least is my all time favourite..

  
#Arunaksarun
-Arun Rise Sharma


*The photos are screen shot of Live telecast of  WebbTelescope  on YouTube and “no copyright infringement is intended”


Wednesday, November 3, 2021

दीपावली और भारत

 दीपावली  संध्या पर्व पर विशेष बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं

दीपावली और भारत

जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एक अच्छी सोच है, सनातन धर्म और संस्कृति पहले से ही इस विचारधारा की पक्षधर रही हैं। हमारे बहुत सारे रीति-रिवाजों को हमने इसलिए तिलांजलि दे दी चूंकि वह समय के साथ गौण हो गये। 
पर जब हमारी इसी विचारधारा का प्रयोग जब समय के साथ हमारे शत्रुओं ने हमें मिटाने के लिए करना चाहा तो हम धीरे-धीरे अब अडिग होना सीख गये। हमें अपने ही जीवन शैली पर शर्मिंदा करना शुरू किया और। हमें पुरातनपंथी और पागान घोषित किया गया तो हमने भी अपनी जड़ों को नष्ट होने से बचाने के लिए सनातनी भारत को धार्मिक परम्पराओं से जोड़ दिया और ऐसा करना आवश्यक भी था। 

जब कोई जीवन दांव पर लगाने वाला कार्य नियंत्रित वातावरण में किया जाता है तो वह रोमांचकारी अनुभव बन जाता है, विस्फोटक सामग्री का प्रयोग पहले युद्ध में शत्रुओं की नाक में नकेल कसने के लिए किया जाता था फिर समय के साथ यह नियंत्रित ढंग से करने से खेल और रोमांचक गतिविधियों का हिस्सा बन गया और हर्ष व्यक्त करने में सक्षम हो गया। पटाखे इसी प्रकार हमारे जीवन और समाज का हिस्सा बने और दीपावली पर्व का आयोजन से जुड़े। 

वातावरण और प्रकृति से जितना भारतीय समाज और धार्मिक परम्पराऐं जुड़ी हुई हैं, उतना जुड़ाव किसी और समाज के संदर्भ में नहीं देखा जाता है। सनातन धर्म और संस्कृति पहले से ही कण कण में भगवान का अंश अनुभव करती हैं और सृष्टि में व्याप्त सभी के प्रति अनुराग और सम्मान भाव रखती हैं। जनसंख्या बढ़ने के साथ साथ संसाधनों के दोहन करने से परिस्थिति बदल गयी है, मौसमी प्रभाव इसका जीता जागता उदाहरण है। हम सबको पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करना चाहिए पर केवल त्यौहार विशेष को कुछ  ngo type organization और राजनीतिक दलों द्वारा निशाने पर लेने से नीयत पर संदेह उठ जाते हैं। प्रदूषण नियंत्रण केवल पटाखों के बंद होने से नियंत्रित हो सकता है, यह एक हास्य-व्यंग्य के अलावा कुछ और नहीं बल्कि रोष का विषय बन गया है। आज भी पराली जलने के विभिन्न उदाहरण सामने आते रहते हैं, औद्योगिक क्षेत्र में इस पर बहुत कार्य होना है, clean energy sources का प्रयोग, वृक्षारोपण, Rainy water preservation and dripping water irrigation technology, प्रकृति संरक्षण पर अटल नियम और क़ानून और उनका सख्ती से पालन करना होगा। तभी पटाखों के प्रयोग पर सभी लोग स्वैच्छिक रूप से जाग्रत हो कर जुड़े रहेंगे और उसके लिए विशेष पर्व पर प्रतिबंध नहीं बल्कि समान नीति से तय करना होगा। सभी NGO's पैट्रोल और डीजल वाले वाहनों को छोड़कर पैदल यात्रा और साइकिल यात्रा पर फोकस करें, अपने आफिस में से AC हटा दें, इसके अतिरिक्त अभिभावकों को भी चाहिए कि वह अपने बच्चों को प्रसन्न करने हेतु महीने में कम है कम 15 दिन कच्चा भोजन जैसे कि फल, सलाद, सब्जियां और ऐसा खाना खाते जिसे उन्हें अग्नि पर पकाने की आवश्यकता न हो और वातावरण की रक्षा करी जा सके। वह सब अगले 15 दिन अपने वाहनों को प्रयोग न करें और पैदल चलने में और साइकिल यात्रा में विश्वास रखें जिससे वातावरण और प्रकृति की रक्षा हो। कूड़ा जलाना बंद कर दें। इस प्रकार के प्रयासों से बच्चे अपनी दीपावली भी अपने मन से मना सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण भी अच्छे से होगा।

 दीपावली  संध्या पर्व पर विशेष बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं..
-अरुण अभ्युदय शर्मा
#arunaksarun

Saturday, September 25, 2021

From Darkness of Life to Light of Life / अज्ञानता से ज्ञान की प्राप्ति की और

"From Darkness to Light"
"अज्ञानता से ज्ञान की प्राप्ति की और"

ॐ असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय,
मृत्योर्मा अमृतं गमय।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ 

हे पिता, मुझे माया रूपी असत्य से सत्यपथ की ओर अग्रसर करें। 
मुझे अज्ञानरुपी अन्धकार से ज्ञानरूपी प्रकाश की ओर अग्रसर करें। 
मुझे नश्वर 'अक्स' देह से शाश्वत आत्म सत्य की ओर अभिप्रेरित करें॥ 
समस्त ब्रह्माण्ड और मेरे भीतर सर्वत्र शांति, समृद्धि, विकास और विस्तार का उदय बना रहे।
ऊॅं नमः शिवाय
-अरुण अभ्युदय शर्मा
#Arunaksarun

Om Asato Maa Sad-Gamaya |
Tamaso Maa Jyotir-Gamaya |
Mrtyor-Maa Amrtam Gamaya |
Om Shaanti Shaanti Shaanti ||

O Shiv, Guide me to walk upon the Path of truth from ephemeral lustful imagination , Motivate me to see the direction of radiant wisdom from darkness of ignorance, Encourage me to understand immortal inner truth from mortal 'aks' being.
Let there peace, prosperity, progress and expansion of life be in Cosmos and me (inner self).
 "Om Namah Shivay"
-Arun Rise Sharma
#Arunaksarun

Wednesday, September 22, 2021

The Yogi and the Stillness of Soul योगी और आत्म स्थायित्व


The Yogi and the Stillness of Soul  
योगी और आत्म स्थायित्व 

I do not know when I will birth again, 
I do not know when I will die again, 

Only the one who has achieved the stillness of soul,
Knows that there is no going nor coming, 

The body is a little record of time  which counts through age and appearance but soul remains still in the process far from aging and diminishing.. 

The circle is  infinite and nothing moves in it, only time moves  and that could make a yogi understands the stillness of soul. 

Hence do not get exhausted in the circle of time but remain alive with the vibrant stillness of soul.
 
That is the key to immortality... so being body do not die while you live and do not live while you are dead,  Life is beyond birth and death and persists in infinity of soul.. 

Therefore I do not know "aks" when I will be born again and simultaneously
I do not know when I will be dying again..

-Arun Rise Sharma
#arunaksarun

क्या हासिल होगा यारों
 यह जानकर कि
 कब मैं फिर आऊंगा और 
जीवन संध्या पर पलक झपकते ही 
फिर चला जाऊंगा,

सच तो मैंने यह जाना कि
 ना जाना होता है और 
ना आना बस आत्मा का 
स्थायित्व ही सत्य है,

मेरा यह शरीर बस समय का
 वह हिसाब है जो उम्र और 
आकार से जुड़ा है पर 
आत्मा इस सबसे दूर 
सरलता ओर सत्यता से समाधिस्थ है, 


जीवन चक्र असीमता से पूर्ण चलायमान
 होते हुए भी चुपचाप खड़ा
 समय को भागते हुए देख रहा है और
 मैं आत्मा के स्थायित्व से 
जुड़े हुए ध्यानस्थ हूं।

समय-चक्र से परे थकान रहित 
इस वृहदेश्वर आत्म साक्षात्कार में ही 
ध्यान योग से साक्षात्कार ही 
मेरी नियति है।

 अब शरीर में ना मृत्यु हैं और 
ना अनंत आनंद स्वरूप जीवन है, 
जन्म और मृत्यु से परे जो "अक्स"
आत्म ज्ञान प्राप्त हुआ है वही 
अमर्त्य अमृत कलश लेकर 
यात्रा जारी रखना ही ईश सार तत्व है।

अतः मत पूछो यारों मुझसे 
कि कब मैं फिर आऊंगा और 
जीवन संध्या पर पलक झपकते ही 
फिर चला जाऊंगा।...

-अरुण अभ्युदय शर्मा
#arunaksarun

Sunday, September 19, 2021

How does Clean shave look come into trend in Bharat- India.

How does Indian Army /Police Services officer keep clean shaven look or   how does clean shave face look came into trend and style/ fashion in India?

 Basically if you go into the past you would find that keeping beard is a natural thing and  every society  is having males who are keeping beard and long hairs on natural.  

All the man anywhere they live the growth of hair is natural process it is an extension of physical body and acts as natural reflexive forces and time.  
It is further assumed that the energy which could be used to define dimension of human spirit. 

People generally do not shave it till it becomes necessary of rituals important to perform some warshiping.  
Clean-shaven look was significantly present in ancient India and part of important Yogic culture and society. Clean-shaven look was part of Brahmachari awastha as keeping torso and facial hair was an essential part of the life of people. Now a days keeping beard is sign of renouncing world in Yogic culture but in ancient and mediaeval time it was vice versa as removing beard and shaving were part of renouncing the world in many spiritual parts but Similarly most of the people in ancient world on spiritual path might  find to be growing beard and hairs as natural, therefore the beard with moustaches was part of Identity from King to common man hence the army soldiers of kings also had beard and long hair during the Islamic invasion. The attackers' army, when entered in Bharat found that it was difficult to different between their man and opponents so therefore to look different they came up with the idea of looking different by removing of their mustachers. The growth of moustaches could not be  done in a few days and need sometimes around 30 29 days  to 90 days for good moustaches to grow.  Therefore it would always a difference among armies even though appearing in disguise and Bharat warriors kept on continued their look. With the passage of time,  the attackers' had established their  local small kingdoms and  joined by locals as resistance forces, it was become important to identify own men and others so that not to kill  own soldiers in war and look of beard without moustache was became a trend too.
With the passage of time keeping beard without moustache was become an Islamic appearance in Bharat subcontinent which is still happening and Muslim population is continued with similar look in Bhartiya Sub-continent as a religious identity too, however if we go beyond the boundaries of Bharat subcontinent, the appearance of Muslim is different from subcontinent Muslim population as one could notice that difference with the Muslim population of Gulf countries.

 Thereafter in 17-18 th century onwards, British came to the Bharat as company.  In initial phase they were having big handlebar moustache and beard too.  The similar appearance with ancient Bharatiya people which was still quite common in Hindu population. So after sometimes they have the same problem of identifying between Bharat's warriors and their local soldiers in army because both of them looked similar to each other, having similar appearance and culture. Therefore the Britishers came up with the idea of removing of beard and moustache as well so that they could identify their man in the crowd by clean shaven look.
 That came as a surprise to everyone and initially it was like a child/female face and mocked by people too but Sooner it was accepted as a neat and tidy look which gave a look of clean and tidy appearance with western outfits. 

Sooner than before, it became the fashion pattern in  Bharat and many of them joined by removing their beards and moustaches and adept the clean shave look and become part of neo- cultural revolution.
 Very soon an unspoken mandatory  silent rule was applied for all who are in services of Britishers.   Even after the transfer of power on 15 August 1947 and we had got our own government, the same look remained for the Bharatiya army and other security forces, accepted as  disciplined measure to keep separate the forces services from civil population.  

The impact was also be seen in private sector and with the passage of time it has become a common look in Bharat. 
 The same has been adopted by international working committee and thus become the part of day today life for everyone.  

Now I feel that we must keep natural look in day to day life as keeping a good beard will make a relaxing as well as an alert person and respectful to everyone. 
 Thank you.
-Arun Rise Sharma
#arunaksarun

योगस्थ: कुरु कर्माणि- अर्जुन महाभारत युद्ध के लिए कैसे प्रेरित हुए।

भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता उपदेश किस प्रकार दिया कि अर्जुन को अपने कर्तव्य का बोध हो गया और वह युद्ध के लिए तैयार हो हो गए ? 

उत्तर: ऐसा है कि अर्जुन अंतिम समय तक भी युद्ध के लिए अस्त्र शस्त्र उठाने के लिए तैयार नहीं था और ऐसा पहली बार नहीं हुआ यदि हम इतिहास में जाएंगे इससे पहले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के सामने भी इसी प्रकार के प्रश्नभ्रम सामने आ गए थे और इसी प्रकार के मायारूपी प्रश्न चिन्ह अन्य महापुरुषों जैसे  गौतम बुध और भगवान महावीर के समक्ष भी आये थे और वह सबने सन्यास मार्ग से मुक्ति का द्वार खोल कर उस पर जाने के लिए उद्धत किया था पर राम की यह दुविधा  उनके गुरु  वशिष्ट पर प्रकट हो गई थी  और गुरु वशिष्ट ने उन्हें कर्म उपदेश दिया जो कि योग वशिष्ठ के नाम से जाना जाता है यह इसी प्रकार है जैसे श्री भगवत गीता है इसी प्रकार अष्टावक्र ने भी राजर्षि  जनक को उपदेश दिया था जिससे जनक राजा होते हुए भी इसी प्रकार उतना ही जीवन से जुड़े रहे थे।

 कुरुक्षेत्र मैदान में अर्जुन ने जब युद्ध स्थल के मध्य में जाकर गुरु सेना की तरफ देखा तो किसी भी सामान्य व्यक्ति की तरह उनके मन के दो फाड़ हो गए एक कहने लगा शत्रु पक्ष में अपने प्रिय संबंधी देख कर उनके प्रति मोह और राज्य जीतने की इच्छा खत्म हो गई दूसरा कारण था कि विपक्ष में सभी योद्धाओं को जानते थे अतः उनकी वीरता से प्रभावित दिखे अचानक ना चाहते हुए भी एक प्रकार की सर्द पांवों जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी जिसमें बुद्धि के ऊपर अपनी वीरता पर सन्देह स्थापित हो गया वह भी भूल गए कि अभी कुछ समय पहले उसने अकेले के रूप में उन सब के छक्के छुड़ा दिए थे तब श्री कृष्ण ने अर्जुन की भावनाओं को समझते हुए उसे समझाने के लिए बुद्धि कौशल का परिचय दिया।
 किसी को भी समझाने के 3 तरीके हैं पहला तरीका है कांता कौशल अर्थात् पत्नी के समान बात करके हिम्मत बढ़ाना इसमें सुख शक्ति को चैलेंज कर के उसे जागृत किया जाए ताकि व्यक्ति को अपने पुरुष तत्व का एहसास हो और वह आगे बढ़कर सामना कर सके श्री कृष्ण द्वारा इस विधि द्वारा  जब अर्जुन की हिम्मत को बढ़ा नहीं पाए तब उन्होंने दूसरा तरीका वह मित्र कौशल अब उन्होंने मित्र की भांति अर्जुन को कर्म की व्याख्या दी आत्मदर्शन दिया यह समझाया कि अगर जीतोगे तो राज सुख मिलेगा और अगर मरोगे तो वीर सम्मान और इस तरह  कर्म करने में दोनों हाथों में लड्डू है और अगर नहीं करोगे तो सब कहेंगे कि अर्जुन कायर है सारी जिंदगी हारे हुए शापित की तरह रहोगे, सन्यास पर जाओगे तो लोग कहेंगे कि जीवन में असफल हो गया इसलिए समाज से भागकर सन्यास आ गया लेकिन तब भी अर्जुन ना  माना और युद्ध न करने पर अटल रहा तब श्री कृष्ण तीसरा और अंतिम सत्य कहते हैं जिसमें उनके मुख से निकला प्रत्येक शब्द परमात्मा प्रभु का आदेश था उन्होंने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया और अर्जुन को आदेश दिया कि वह युद्ध के लिए तत्पर हो और फिर अर्जुन ने भगवान कृष्ण की प्रेरणा से रण कौशल दिखाया और वह युद्ध किया कि वह एक साधारण युद्ध से आगे बढ़कर महायुद्ध हुआ, यह महाभारत युद्ध था। 
-Arun Rise Sharma
#arunaksarun

Tuesday, September 7, 2021

Why India is called Bharat? भारत का नाम भारत कैसे उदित हुआ?

प्रश्न: हमारे देश का नाम भारत कैसे उदित हुआ? 
Q: Why India is called Bharat?
"भा" शब्द की आधारभूत संरचना भू या भूमि से अपभ्रंश रुप में हुई है। पंच महाभूत तत्वों में भूमि तत्व का विशेष महत्व है यह शारीरिक भौतिकी में १२% स्थान रखती है।

भारत शब्द दो अलग-अलग शब्दों से मिलकर बना है। 

भार+रत 

"भार" शब्द का अर्थ है उत्तरदायित्व , यह एक कर्तव्य पालन है जो स्वयं अंतर-हृदय में उत्पन्न कर्म है जिससे कर्ता अपने अंदर आनन्द अनुभव करता है। यह स्वयंभू उत्पत्ति हैं। 

"रत"  शब्द का अर्थ है प्रेम में समर्पित होना यह समर्पण और अवाध श्रद्धा होने का भाव है।

हमारी मातृ भूमि के प्रति यही उत्तरदायित्व और उसके प्रति पवित्र, समर्पित और अखंडित प्रेम ही भारत राष्ट्र  और उसके नाम को सार्थक करते हुए परिभाषित करता है। 

मातृ भूमि के प्रति अनुराग भाव रखने वाले व्यक्ति को ही भारत या भारती नाम से पुकारा जाता है और इस स्थान पर रहने वाले को भारतीय या भरत वंशज कहे जाते है।।
वंदे मातरम्
जय हिन्द जय भारत
-अरुण अभ्युदय शर्मा
#arunaksarun

"Bha" word is originally derivated from "Bhu" or "Bhumi" that means Land or soil. Our physical body is made of 5 elements including of soil which 12% of total matter. 

Bharat word has 2 words in it. 
Bhar + Rat- pronounced as rt in smart word with t has softer tone. 

The word meaning of Bhar is Responsibility. It is following a path knitted around duties (Karma)  with free will. This karma doesn't require external pressure or compulsion. It is performed blissfully with self awareness and Conciousness.

Rat pronounced as RT is surrender and devotion in love. 

Whosoever has this surrender and devotion in love for duties towards Motherland is named,  called or titled as Bharat or Bharti. Those who live in this sacred and pious land are called Bhartiya or Bharat vanshaj- the children of Bharat.
Salutations to Motherland.
Jai Hind Jai Bharat.
-Arun Rise Sharma
#arunaksarun

Thursday, August 26, 2021

Yes, It is my Birthday - जी हां, आज मेरा जन्मदिवस है

Yes, It is my Birthday..!

Yes, it is my birthday and Like previous years it is joyous and happily sharing day. 

In all those years of ripening as a sweet fruit on bitter leaves tree, I have no regrets to feel sorry for being at right place at wrong time or vice versa. Bhagwan Shiv has always placed me where I was needed to be to understand true dimensions of this wonderful life..  
Thank you so much to all my well wishers and friends with you I always feel like a family... Every day is celebration and every moment is joyous....  

Your precious contribution have guided and supported me to mould my life stones into excellent sculptures. 

Thank you for your support and blessings.. 
-Arun Rise Sharma
#arunaksarun
26/08/2021

 जी हां, आज मेरा जन्मदिवस है..!

जी हां, आज ही मेरा जन्म दिवस है और पिछले वर्षों की तरह यह हुल्लास और हर्ष से भरपूर है। यह सब समय मेरे जीवन में इस प्रकार कारगर साबित हुआ जैसे कि किसी कड़वे पत्तों वाले वृक्ष पर मधुर पके हुए फल का समय के साथ उदित होना और इस कारण मुझे भगवान शिव की कृपा से कभी भी यह नहीं लगा है कि मैं कभी भी सही समय पर गलत स्थान पर या सही स्थान पर गलत समय पर रहा हूं और इस शिव-कृपा से मैं जीवन रहस्यों को समझने और अनुभव करने में सक्षम रहा।

आप सभी को मुझे पर्याप्त स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद।

प्रत्येक दिवस उत्सव हैं। प्रत्येक क्षण हुल्लास से भरपूर है।।

आप सबके अमूल्य योगदान से मैं जीवन की पथरीली चट्टानों को सुंदरतम प्रतिमाओं में संवार सका। 

आप सबको पुनः सहयोग और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। 
-अरुण अभ्युदय शर्मा
#अरुणअक्सअरूण
२६/०८/२०२१

Wednesday, August 25, 2021

And Life Goes on.. और जीवन चलता रहा..


और जीवन चलता रहा...
And Life Goes on... 

- Arun Rise Sharma
#arunaksarun

25/08/2021
१०.०२ रात्रि/10.02 PM IST

Every day is celebration and every moment is joyous.... 

प्रत्येक दिवस उत्सव हैं।
प्रत्येक क्षण हुल्लास से भरपूर है।।

Tomorrow is never promised.. it would never be.. it rises beyond expectations of life and will have a design according to our attention and treatment of circumstances coming to us with new challenges and solutions to be unlocked. 

भविष्य वचनबद्ध नहीं है.. यह कभी होगा भी नहीं..यह हमेशा जीवन की अपेक्षाओं से परे उदित होता है और  हमारी जागरूकता और घटनाक्रम से उत्पन्न कर्म प्रधानता से रचनात्मक कार्यों  से जुड़ी चुनौती पूर्ण हल की सहायक कुंजी  है

We can not alter past as it is gone but certainly a future may be shaped by  right indulgence in present. 

हम भूतकाल को नहीं बदल सकते है क्योंकि यह बीत चुका है परन्तु निश्चित रूप से हम भविष्य को वर्तमान समय में उचित संलग्नता से निर्धारित कर सकते हैं।

Right indulgence did not arise in a single moment, it has come in it on time like a ripening of a sweet fruit planted on bitter leaves tree. 

उचित संलग्नता तुरंत होने वाली प्रक्रिया नहीं है, यह उचित समय पर होने वाली प्रक्रिया है जो ऐसे ही होती है जैसे कड़वेपन से भरपूर पत्तों वाले वृक्ष पर मधुर पके हुए फल का होना।।

- Arun Rise Sharma
#arunaksarun

Tomorrow: Future  Life
Expectations: Will I be or won't it be.. 
Attention and treatment: Planning and Actions
Challenges and Solutions: Difficulties and Consequences
Past: whatever gone, be by gone..
Future: Dreams
Indulgence: Devotion and Dedication..
Single moment: Practice makes it perfect .
Sweet fruit: Our own created life..
Bitter leaves tree: Gifted Circumstances..

-अरुण अभ्युदय शर्मा
#अरुणअक्सअरुण

Monday, August 16, 2021

My Life is My Cup of Tea

My Life- My Cup of Tea
मेरा जीवन- मेरा दर्शन
यह हम सबका अलग अलग जीवन है जो सभी तरह के गुणों से युक्त है।@k$
इसे जैसे भी देखें यह महत्वपूर्ण, शक्तिशाली और पृथक् अस्तित्व से युक्त है। 
इसे जीवन्त अनुभव करते हुए प्रत्येक क्षण को कृतज्ञतापूर्वक ग्रहण करें और परम शिव का स्मरण करते हुए कल्याण भावना से कर्तव्य पालन करें।

हमेशा याद रखें कि इस जीवन को इस प्रकार जीना चाहिए कि यह विशेष रूप से विस्मरणीय, चिंरजीवी और पूर्णतः बने।  
-अरुण अभ्युदय शर्मा
 #arunaksarun

This is everyone's life.. created with full of taste and flavour..(@k$) whatever way it looks, it is unique, valuable and full of energy... 

Admire Life like your cup of tea, Love it to every drop and every single sip,  

and Do not forget to enjoy your cup with sunshine on face with power of doing good everyday and remember to live like you are special, Unforgettable and long-lasting. 
- Arun Rise Sharma #arunaksarun

Tuesday, June 15, 2021

5 Horror Thriller of Cinema- Indian & Hollywood

5 Chilling moments from Hindi movie - BHOOT
1. Late night TV watching sequence
2. Urmila's cold feet scene, voice gone
3. Watchman murder scene
4. Fardeen's last sequence
5.  Ajay found Urmila staring when he woke up from nightmare ..
#arunaksarun

5 Chilling moments from Hindi Movie RAAT ..
1. Hands from wall
2. Kid asking permission to play
3. Police Inspector's death
4. Roof top murder of Rashmi
5. Basement digging scene ..
#arunaksarun

5 English horror movies recommended for watching..
1. House on Haunted Hill (1999)
2. The Amity ville (2005)
3. Para normal activity
4. The Exorcist
5. The Grudge
#arunaksarun

5 Hindi horror recommended movies..
1. Question Mark
2. Raat
3. Bhoot
4. 1920
5. Purana Mandir ..
#arunaksarun

5 chilling moments in Purana Mandir..
1. Aarti Gupta's Blood bathing scene
2. Aarti Gupta's birth
3. Satish Shah's Samri resurrected act
4. The eyes movement in picture
5. The shifting of coffin by Aarti and Mohnish to the ground floor..
 #arunaksarun

5 Good makeup ghosts..
1. Darwaja
2. Chehre pe chehra
3. Purana Mandir
4. Chudail
5. Veerana
#arunaksarun

5 Hindi Less makeup, good acting ghosts
1. Urmila- Bhoot
2. Revthi- Raat
3. Padmini- Gahrai
4. Satish shah- Purana Mandir
5. Raj Kumar- Neelkamal
#arunaksarun

 5 Good hearted ghosts from Hindi cinema..
1. Saamri- Saamri 3d
2. Madhumati
3. Kareena- Talash
4. Amitabh bachchan- Bhootnath
5. Arvind- Chhota Chetan
#arunaksarun

5 English songs with Ghosts
1. Thriller-MJ
2. Everybody- Beat street boys
3.Unchained melody- Ghost
4. Ghost rider in the sky - Ghost rider
5. The Ghost- Niviro
#arunaksarun

 5 Hindi Songs with Ghosts ..
1. Aayega Aanewala- Mahal
2. Main to kab se khadi iss paar- Madhumati
3. Jeena bhi kya hai jeena- KPKK
4. Saathi re- Veerana
5. Aaja Aaja- Neelkamal
#arunaksarun

 5 Ghosts of English cinema
1. Conjuring -2
2. The Nun
3. Evil Dead
4. The Mummy
5. Dracula
#arunaksarun

 5 Ghosts of Hindi Cinema..
1. Darwaja -Shamashuddin
2. Purana Mandir-Anirudra Aggarwal
3. Jani Dushman-Sanjiv Kumar
4. Talash- Kareena
5. Raat- Revathi
#arunaksarun

5 suspense Hindi music songs..
1. Kahin deep jale
2. Gumnam hai koi
3. Raaj ankhe teri
4. Aaja Tujhko pukare- Neel kamal
5. Main to kab se khadi - Madhumati
#arunaksarun

5 English Thriller movies..
1. Psycho
2. Amity ville
3. I know what you did last summer
4. Omen
5. Orphan
#arunaksarun

5 Good Thriller genre hindi movies..
1. Bees saal baad-60's
2. Saboot
3. Kohra
4. Teesri manjil
5. Raaj - Rajesh Khanna
#arunaksarun

5 Good English horror genre movies..
1. Exorcist
2. Tales from Crypt
3. The conjuring
4. The Shinning
5. The Para normal activity
#arunaksarun

5 Good hindi horror movies having no bakwas but real genre..
1. Raat
2. Bhoot
3. Gahrai
4. Do Gaj jameen ke neeche
5. Vastu Shashtra
#arunaksarun

5 Good horror Ghost resurrection sequences from Hindi Cinema..
1. Saamri resurrection act- Purana Mandir
2. Thakur resurrecting as Ghost/Vampire- Darwaja
3. Sanjiv Kumar resurrecting act- Chehre par chehra
4. Ashutosh Rana resurrection as Ghost-Raaj
5. Sanjiv Kumar resurrecting back as Thakur- Jaani Dushman..
#arunaksarun

5 Zombie Movies
1. Resident evil series
2. Zombie Land
3. Train to Busan
4. I am Legend
5. Cargo - Short movie
-Arun Rise Sharma

Thursday, May 27, 2021

Bollywood & Sh. Surender Mohan Pathak's Characters

Sh. SM Pathak, Pulp fiction Writer’s characters on screen from Bollywood film Industry

Dear friends,

Sh Pathak is well renowned writer of pulp fiction world. He has written around 300 books about crime, detection, gang wars, thriller, private detectives generally have a story based on investigations and survival tactics in real world situation. There is all type of emotions including of cheating, distrust, jealousy, anger, hatred and so on. The crime is inspired by greed and easy money grabbing. The meticulous planning is created and ultimately everything fall apart when the criminals and characters started conspiring against each other to have all the booty. The canvas of writing is very big and you could visualise each story as an eye witness account. Mr Pathak was a part time writer and worked regularly in telephone dept. There is autobiography available in market to read his real life experiences. There is lot of discussion going about Sh Pathak’s characters on social platforms. The fans choose some of the actors who they find fit in particular character. While going through it I have found most of the readers are from younger generations or could visualise today’s generation actors as Mr. Pathak’s characters. They are generally falling to charm of those actors and choose someone they adore as some other character or influenced by their looks. The characters were started creating by Mr Pathak in 60’s on wards so that time the technology and gadgets were something different. I have tried finding the actors from different decades, onwards 50’s onwards. I hope that they could give broader visualisation to the readers. Remember there could always a scope for improvement in this list with updating in next decade onwards. Enjoy the post.

-Arun Rise Sharma

# arunaksarun

CHARACTER

50’s

60’s

70’s

80’s

90’s

2k

At Present

SUNIL

Gurudutt

Shashi Kapoor

Naseruddin shah

Anil Kapoor

Arshad Warsi

Irfann

Manoj Bajpai

RAMAKANT

Johney Walker

Kishor Kumar

Ravi Vaswani

Govinda

Tussar Kapoor

Sharman Joshi

Ritesh Yadav

Mr. MALIK

KN Singh

Nasir Hussain

Balraj Sawhney

Iftikhar

Mukesh Khanna

Amitabh Bachchan

Rajnikant

ARJUN

Mehmood

Sanjiv Kumar

Amol Palekar

Sachin

Raghubir Yadav

Ranbir Shouri

Raj Kr. Rao

RENU

Wahida Rehman

Asha Parekh

Yogita Bali

Juhi Chawla

Amrita Rao

Konkana Sen

Kajol Aggarwal

PRAMILA

Shashikala

Tanuja

Aruna Irani

Rati Agnihotri

Bipasha basu

Kangana

Anushka Shetty

RAJINDER MALIK

Rehman

Pran

Sujit Kr.

Shakti kapoor

Javed Jaffery

Vivek Oberoi

Rahul Bose

PRABHU DAYAL

Ashok Kumar

Rahman

Iftikhar

Om Puri

Pankaj Kapoor

Akshay Khanna

Pankaj Tripathi

VIMAL

Before plastic surgery and after

Rajkapoor/ Shammi Kapoor

Rajender Kr. / Sunil Dutt

Vinod Mehra / Vinod Khanna

Kumar Gaurav / Jackie Shroff

Bobby Deol / Sunny Deol

Abahy Deol / Ajay Devgun

Mahesh Babu / Madhvan

NEELAM

Nargis

Sadhna

Neetu Singh

Poonam Dhillon

Monisha Koirala

Anushka Sharma

Radhika Apte

KALA PAHAR

Tiwari

Prithvi Raj kapoor

Shetty

Shamsuddin

Amrish Puri

Mithun Chakravorti

Nana Patekar

ALPHANSO

Dalip Kumar

Raj Kumar

Sunil Dutt

Mithun Chakravorti

Sunil Shetty

Akshay Kumar

K K Menon

Surjeet

Nutan

Nanda

Rekha

Munmun Sen

Sushmita Sen

Mahi Gill

Vidya Balan

Sudhir Kohli

Dev Anand

Sanjay Khan

Firoz Khan

Vinod Khanna

Ajay Devgun

Abhishek Bachchan

Hritik Roshan